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मेरी- तेरी- जग की बात

आधुनिक गुरु और शिष्य

मेरी - तेरी- जग की बात ☺☺

                       "आधुनिक गुरु और   शिष्य "                       ----------------------------------------   प्रश्नोत्तर चल रहे थे गुरु अपने शिष्यों की जिज्ञासा का समाधान कर रहे थे  । एक चतुर शिष्य ने पूछ...

मेरी - तेरी - जग की बात ।

     कल शाम को घूमने के लिए पार्क में गई थी । जीवंतता से भरपूर था पार्क । कहीं बुजुर्ग बैठे गप मार रहे थे , कहीं बच्चे खेल रहे थे । कुछ पहलवान दौड़ लगा रहे थे मैं भी वहां उस बेंच  प...

मेरी -.तेरी - जग की बात

           सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ।           सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित दुख भाक्भवेत् ।।     कितनी सुंदर प्रार्थना है  , प्राणियों के कल्याण की क...

मेरी , तेरी ,जग की बात .....

आज सुबह अखबार उठाया ,जाने कितनी खबरें मन को मथ देने वाली , चिंता में डाल देने वाली ......क्या कहीं कुछ भी अच्छा नहीं है  ?? हे ईश्वर!!! तेरी बनाई इस धरती को ...दुनिया को ...हम ने कहीं का नहीं छ...

प्रेरणादायक कहानियाँ

                ....................रुक जाना नहीं................ किसी राजा को उपहार में बाज पक्षी के दो शावक किसी ने दिए। नन्हें और  कमज़ोर । राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक पक्षी विशेषज्ञ नियुक्त कर दिया । दिन गुजरते गए। एक दिन राजा ने उन बाज पक्षियों की उड़ान देखने की इच्छा प्रकट की।   सब लोग  महल के बाहर एकत्र हो गए । वे नन्हें शावक अब बड़े और सुंदर बाज पक्षी के रूप में विकसित हो गए थे । चमकीले बाल और आँखें , पैनी चोंच। मज़बूत पंख  फड़फडाते वे शानदार लग रहे थे।          राजा की आज्ञा पाते ही पक्षी उड़ाए गए  ।पर यह क्या , एक पक्षी तो  झट उड़ चला ,सबके सिर पर उसने एक चक्कर काटा और आकाश में उड़ान भरने लगा।  पर दूसरा पक्षी उड़ते ही  पास के  पेड़ की एक डाल पर जा बैठा। लोगों ने बहुत कोशिश की। ताली बजाई, शोर मचाया.....पर बाज न उड़ा। पक्षी विशेषज्ञ ने कहा कि रोज़ ऐसा ही होता है, ये एक पक्षी उड़ना ही नहीं चाहता ।      वहाँ खड़े लोगों में शामिल एक किसान ने आव देखा न ताव,...